गुरुवार, 7 अक्टूबर 2010

सपना....The Dream

रात्रि  सपने में जो देखा था,
वही रंग फिर उभर आया .
खामोशियों में गुनगुनाहट भर गयी,
दिल में ही दर्पण सा नजर आया.
पवन के मात्र लघु झोंके से ,
सुगंधों का बड़ा तूफ़ान आया.
सौंदर्य मणि की रश्मिया ऐसी कि,
चित्रकारों की तूलिका पर तरस आया,
मुग्ध हो ज्यों भानु ने  देखा ,
धरा को नाचते पाया......
````````````````````````````````````````````````
-   शिव प्रकाश मिश्र
-    S.P.MISHRA

पितृ पक्ष 2026 - एक दृष्टि:

  पितृ पक्ष 2026 - एक दृष्टि:   एक पीढ़ी का दूसरी पीढ़ी से संवाद  - शिव मिश्रा सनातन परंपरा में पितृ पक्ष पूर्वज...