सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कॉर्पोरेट जिहाद - सनातन संस्कृति को निगलने का नया कुचक्र
कॉर्पोरेट जिहाद: वैश्विक नीतिगत दिशा-निर्देशों की आड़ में सनातन संस्कृति को निगलने का नया कुचक्र - शिव मिश्रा कॉर्पोरेट जिहाद : लम्बी सूची...
-
हिंदू एकता और ब्राह्मण होने का दर्द: ऐतिहासिक षड्यंत्र से वर्तमान संकट तक || क्या भारत का प्रबुद्ध वर्ग (ब्राह्मण) आज के दौर का 'नया द...
-
हाल के वर्षों में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए कुछ निर्णय चर्चा में रहे जिनमें न्यायिक सर्वोच्चता के साथ साथ न्यायिक अतिसक्रियता भी परलक्...
-
कांग्रेस के भगवा आतंकवाद का कारण केवल मुस्लिम-तुष्टिकरण है, या हिन्दुओं के प्रति उनकी बेइंतिहा घृणा || राहुल गाँधी हिन्दू, हिंदुत्व और सना...
शिव प्रकाश जी!!! कहां इन लोगों के चक्कर में हैं। विदेशों के ठाट-बाट में पढ़कर अर्थव्यवस्था का ज्ञान झाड़ते ये लोग केवल और केवल हिन्दू विरोधी मानसिकता से भरे हुए हैं। पता नहीं इनका नामकरण रघुराम या चिंबरम कैसे हो जाता है, क्योंकि ये इन नामों की संस्कृति, संस्कार और धर्म हिन्दुओं के अनुकूल तो कोई बात ही नहीं करते। जिस तथाकथित पत्रकार को हत्या होने से पहले कोई सामान्य रूप से जानता भी नहीं था, उस पर इतना बवाल!! अपशब्द कहने की इच्छा होती है ऐसे लोगों को और साथ में पीटने का मन भी करता है इन्हें। सामाजिक ज्ञान के हिसाब से तो ऐसे लोग प्राइमरी में भी पास होने के लायक नहीं है। अभी बैंकों से लेकर अनेक सरकारी कार्यालयों व प्रतिष्ठानों तथा मीडिया घरानों में वही कुबौद्धिक बीज पनप रहा है, जो कांग्रेसियों-वामियों के गठन से बोया गया था।
जवाब देंहटाएं