रविवार, 17 अक्तूबर 2010

क्षणिकाएं

(१)

प्रेम में     तुम्हारे है
यही मुझसे से अन्तर,
तुम  देखते हो   बाहर
मै देखता  हूँ अन्दर ..


(२)

एक बस कंडेक्टर ने
टिकेट बनाने में किया
 नया तरीका अख्तियार,
फर्स्ट ऐड बॉक्स पर
लिख दिया
" बिना टिकेट यात्री होशियार".


++++++++++++++++++++
-  शिव प्रकाश मिश्र
-    S.P.MISHRA
++++++++++++++++++++

1 टिप्पणी:

क्या मोदी भटक गए हैं ? या भटक गए थे?

  मोदी के तेवर बदल गयें हैं और भाषण भी, क्या मोदी भटक गए हैं ? या भटक गए थे? लोकसभा चुनाव के पहले दौर के मतदान के तुरंत बाद मोदी की भाषा और ...