Wednesday, March 13, 2013

तीर्थ हर घर में

१० मार्च २०१३  को इलाहबाद में महाशिव रात्रि पर्व  के अंतिम महास्नान के साथ महाकुम्भ का  समापन  हो  गया . बहुत खट्टी  मीठी  यादो के साथ ये पर्व  जाना  जाएगा . वो धन्य हुए जिन्होंने तीर्थ राज प्रयाग पहुँच कर संगम में डुबकी  लगाई लेकिन उन्हें  ज्यादा पुण्य  प्राप्त होगा जिन्होंने दूसरों को डुबकी लगाने में मदद की . सबसे अधिक पुण्य के हकदार कौन हैं ? अंदाजा लगाये नीचे के एक  चित्र से ...
 
महाकुम्भ के अंतिम स्नान महाशिव रात्रि के अवसर पर अपनी मां  को कंधे पर बिठा कर ले जाता एक बेटा .
 
धन्य है ये बेटा और माँ . ऐसा उदाहरण भारत में ही मिल सकता है .धन्य है फोटो पत्रकार भी जिसने ऐसी दुर्लभ और अविश्मरणीय फोटो खीची।
 
(साभार - दैनिक जागरण ११ मार्च २०१३ प्रष्ठ १४  लखनऊ संस्करण )
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शिव प्रकाश मिश्रा